होली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ एवं सांस्कृतिक संदेश

होली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ

सांस्कृतिक संदेश – पद्माकर भट्ट कृत फाग
सादर प्रणाम।

मैं स्वस्थ और प्रसन्न हूं और पूर्ण विश्वास है कि आप भी सपरिवार सानंद होंगे।

झेला झेल झोरिन की मूठिन की मेला मेल,
रेला रेल रंग की, उमंग सरसत है।
कहैं पद्माकर गवैयन की ऐल परी,
गैल-गैल फैल-फैल फाग बरसत है॥

धूम धधकौअन की धधकी बजति तामैं,
ऐसो अति ऊधम अनोखो दुरसत है।
ग्वाल पर ग्वाल, तिहि ग्वाल पर नन्दलाल,
लाल नन्दलाल पर गुलाल बरसत है॥
© पद्माकर भट्ट (1753–1833)
होली एवं प्रत्येक दिवस पर समस्त विश्वविद्यालय परिवार के कल्याण, सुख, समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की हार्दिक शुभकामनाएँ।